वाकाटक वंश
*सातवाहन वंश के अंत के बाद उनके क्षेत्र पर वाकाटक वंश का आगमन हुआ।
*इन्होंने अपनी राजधानी बरार को बनाया था ।
*ये ब्राह्मण धर्म को मानते थे।
* इस वंश के संस्थापक विन्ध्य शक्ति थे।
* इस वंश का सबसे प्रतापी शासक प्रवरसेन थे। इन्होंने अश्वमेघ यज्ञ तथा 1 वाजपेय यज्ञ कराया ।
*इस वंश के शासक रुद्रसेन का विवाह प्रभावति से हुआ। * प्रभावति चंद्रगुप्त - II तथा देवी की पुत्री थी ।
* इस विवाह के कारण गुप्त तथा वाकाटक के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित हुआ |
* समुद्रगुप्त के प्रयाग प्रशस्ति अभिलेख से वाकाटक की जानकारी नहीं मिलती है, क्योंकि इस अभिलेख में केवल जीते गए क्षेत्र की चर्चा है।
* वाकाटक की शक्ति धीरे-धीरे कमजोर हो गई और इनके स्थान पर चालूक्य वंश का उदय हो गया।
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History (इतिहास)